NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 मेरे बचपन के दिन

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 मेरे बचपन के दिन.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
‘मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।’ इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि
(क) उस समय लड़कियों की दशा कै री थी?
(ख) लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं?
उत्तर:
(क) महादेवी वर्मा के बचपन के समय लड़कियों की दशा बहुत अच्छी न थी। लड़कियों के प्रति समाज की सोच अच्छी न थी। लड़कियों को बोझ समझा जाता था। उनके पैदा होने पर लोगों को दुख होता था। वे उन्हें मार देते थे। खुद लेखिका का परिवार इसका उदाहरण है जहाँ दो सौ वर्षों तक कोई लड़की पैदा नहीं हुई।

(ख) उस समय की तुलना में आज लड़कियों की दशा में बहुत बदलाव आ गया है। यद्यपि विज्ञान और तकनीक का कुछ लोग दुरुपयोग करके कन्या भ्रूणहत्या करवा देते हैं पर इसके विरुद्ध कानून बन जाने से स्थिति में सुधार आया है। विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे-लाडली योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, विभिन्न स्थानों पर महिलाओं के लिए आरक्षण, बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति आदि सुलभ होने के कारण अब लड़कियों को बोझ नहीं समझा जाता है। इस तरह परिस्थितियों में सुधार आया है।

प्रश्न 2.
लेखिका उर्द-फ़ारसी क्यों नहीं सीख पाईं?
उत्तर:
लेखिका उर्दू-फ़ारसी इसलिए नहीं सीख पाई क्योंकि

  1. उसके घर में उर्दू-फारसी का माहौल न था, जिससे बचपन में उसे इस भाषा को सीखने के लिए प्रोत्साहन नहीं मिला।
  2. लेखिका के मन में यह बात बैठ गई थी कि उर्दू-फारसी सीखना उसके वश की बात नहीं।
  3.  इस भाषा को सीखने में वह रुचि नहीं लेती थी।
  4. उर्दू सिखाने वाले मौलवी के आने पर वह चारपाई के नीचे छिप जाया करती थी।

प्रश्न 3.
लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?
उत्तर:
लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की अनेक विशेषताओं का उल्लेख किया है-

  • वह परिवार में हिंदी भाषा लाई
  • पूजा-पाठ में उनकी विशेष रुचि थी।
  • वे संस्कृत जानती थी और गीता पढ़ती थीं।
  • वे मीरा के पद तथा प्रभाती ‘जागिए कृपा निधान पंछी बन बोले’ गाती थी।
  • वे ब्रज भाषा में पद रचना भी करती थीं।

प्रश्न 4.
जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा क्यों कहा है? [Imp.]
उत्तर:
जवारा के नवाब और लेखिका का परिवार एक ही कंपाउंड में रहता था। मुसलमान और हिंदू परिवार होने के बाद भी दोनों परिवारों के संबंध बहुत अच्छे थे। दोनों के त्योहारों को एक-दूसरे के परिवार वाले मिल-जुलकर मनाते थे। एक का जन्मदिन दूसरे के परिवार में मनाया जाता था।

रक्षाबंधन के दिन लेखिका नवाब के बेटे को राखी बाँधती थी तो मुहर्रम के दिन लेखिका के परिवार के बच्चे हरे कपड़े पहनते थे। लेखिका के छोटे भाई को मनमोहन नाम नवाब की पत्नी द्वारा ही दिया गया था।

आज हिंदू और मुसलमान के नाम पर जगह-जगह दंगे होते हैं। इसके अलावा धर्म, संप्रदाय आदि के नाम पर वैमनस्यता उत्पन्न हो गई है। उस तरह के सांप्रदायिक सद्भाव सचमुच स्वप्न बनकर रह गए हैं।

प्रश्न 5.
जेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। जेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?
उत्तर:
जेबुन्निसा की जगह यदि मैं होती तो और महादेवी वर्मा का कुछ काम करती तो महादेवी से अपेक्षा भी रखती कि

  • वे पढ़ाई में मेरी मदद कर दिया करें।
  • वे मुझे तुकबंदी करना सिखाएँ।
  • वे अपने साथ मुझे भी कवि सम्मेलनों में ले जाया करें ताकि कविता पाठ का आनंद मैं भी उठा सकें।

प्रश्न 6.
महादेवी वर्मा को काव्य प्रतियोगिता में चाँदी का कटोरा मिला था। अनुमान लगाइए कि आपको इस तरह का कोई पुरस्कार मिला हो और वह देशहित में या किसी आपदा निवारण के काम में देना पड़े तो आप कैसा अनुभव करेंगे/करेंगी?
उत्तर:
देशहित में या देश पर आई किसी आपदा निवारण के लिए मैं पुरस्कार में मिली कोई वस्तु या अपनी निजी वस्तु सहर्ष दे दूंगा। पुरस्कार से प्यार तो मुझे भी है पर देशहित की बात आने पर यह प्यार देश के लिए बढ़ जाएगा। मेरे लिए व्यक्तिगत हित, देशहित के सामने कोई महत्त्व नहीं रखता है।

प्रश्न 7.
लेखिका ने छात्रावास के जिस बहुभाषी परिवेश की चर्चा की है उसे अपनी मातृभाषा में लिखिए।
उत्तर:
महादेवी क्रास्थवेट गर्ल्स स्कूल के छात्रावास में रहती थीं वहाँ कई प्रांतों से लड़कियाँ पढ़ने आती थीं। उनकी मातृभाषा और बोली-भाषा अलग थी। उनमें कुछ अवधी बोलती थी तो कुछ ब्रज और कुछ बुंदेलखंडी। सब हिंदी में पढ़ाई करती थी। सब एक ही मेस में खाती थी। एक ही प्रार्थना में खड़ी होती। वहाँ सांप्रदायिकता या वाद-विवाद जैसी कोई बात नहीं थी।

प्रश्न 8.
महादेवी जी के इस संस्मरण को पढ़ते हुए आपके मानस-पटल पर भी अपने बचपन की कोई स्मृति उभरकर आई होगी, उसे संस्मरण शैली में लिखिए।
उत्तर:
मैं जहाँ रहता हूँ वहीं पास में कुछ मुसलमानों के घर भी हैं। एक बार पाकिस्तान | भारत के साथ क्रिकेट के एक नजदीकी मुकाबले में हार गया। कुछ शरारती लड़कों ने मुसलमानों के घर के पास पटाखे फोड़ दिया। यह बात मुसलमानों को नागवार गुजरी। उन्होंने एक हिंदू लड़के को पीट दिया। बस क्या था, दंगे जैसी स्थिति बन गई।

पता चला कि दोनों ओर के दस आदमी घायल हो चुके हैं। मैं उस दिन अपनी कोचिंग की कक्षाएँ समाप्त कर दस बजे लौट रहा था कि सबसे किनारे वाले मकान के रऊफ चाचा ने मुझे अंदर खींच लिया और सारी बातों से अवगत कराया। उन्होंने मेरे घरवालों को फोन किया।
घरवाले पुलिस के साथ वहाँ आए और रऊफ चाचा को धन्यवाद देकर मुझे घर ले गए। यह घटना याद कर मैं आज भी रऊफ चाचा का कृतज्ञ हो उठता हूँ।

प्रश्न 9.
महादेवी ने कवि सम्मेलनों में कविता पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का जिक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।
उत्तर:
सोमवार
15 अगस्त, 2016 आज विद्यालय में प्रातः 9 बजे स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। इस राष्ट्रीय पर्व के शुभ अवसर पर आगंतुकों, अध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई तथा मंच सजाया गया। प्रातः 8बजे से ही देशभक्तिपूर्ण गीत बजाए जा रहे थे। मुख्य अतिथि के आते ही दीप प्रज्वलित करके सरस्वती वंदना की गई और सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गया।

इसी कार्यक्रम में मुझे राष्ट्र कवि दिनकर की कविता ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। का पाठ करना था। मन में भय की लहर जब-तब दौड़ जाती थी। एक उत्सुकता भी थी कि कब मेरा नाम पुकारा जाए, अंततः उद्घोषक ने मेरा नाम पुकारा। मैं सहमा-सा मंच गया। मन में सरस्वती माँ का स्मरण किया और कविता पढ़ना शुरू कर दिया। कविता होते ही जब तालियाँ बजी तब मन खुशी से भर गया। मैं खुशी मन से आकर अपनी सीट पर बैठ गया और बाकी कार्यक्रम का आनंद उठाने लगा।

भाषा-अध्ययन

प्रश्न 10.
पाठ से निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए

  1. विद्वान,
  2. अनंत,
  3. निरपराधी,
  4. दंड,
  5. शांति।

उत्तर:

  1. विद्वान – विदुषी (विपरीतलिंग)
  2. अनंत – अंत
  3. निरपराधी – अपराधी
  4. दंड – पुरस्कार
  5. शांति – बेचैनी।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए और मूल शब्द बताइए
निराहारी               –     निर्      +     आहार       +     ई
सांप्रदायिकता
अप्रसन्नता
अपनापन
किनारीदार
स्वतंत्रता
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 1

प्रश्न 12.
निम्नलिखित उपसर्ग-प्रत्ययों की सहायता से दो-दो शब्द लिखिए
उपसर्ग – अन्, अ, सत् स्व, दुर्
प्रत्यय – दार, हार, व, अनीय
उत्तर:
उपसर्ग   –

  • अन् – अनधिकार, अनादर ,
  • अ – अन्याय, अकाल
  • सत् – सत्संगति, सत्पथ
  • स्व – स्वाध्याय, स्वराज्य
  • दुर – दुर्गति, दुराचार

प्रत्यय    –

  • दार – हवादार, देनदार
  • हार – तारनहार, पालनहार
  • वाला – ताँगेवाला, रिक्शावाला
  • अनीय – दयनीय, पूजनीय।

प्रश्न 13.
पाठ में आए सामासिक पद छाँटकर विग्रह कीजिए-
पूजा -पाठ                                   पूजा और पाठ
……………………..                            …………………….
…………………….                             …………………….
…………………….                             …………………….
…………………….                             …………………….
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 2

पाठेतर सक्रियता

• बचपन पर केंद्रित मैक्सिम गोर्की की रचना ‘मेरा बचपन’ पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
उत्तर:
परीक्षोपयोगी नहीं।

• ‘मातृभूमि : ए विलेज विदआउट विमेन’ (2005) फिल्म देखें। मनीष झा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कन्या भ्रूण हत्या की त्रासदी को अत्यंत बारीकी से दिखाया गया है।
उत्तर:
परीक्षोपयोगी नहीं।

• कल्पना के आधार पर बताइए कि लड़कियों की संख्या कम होने पर भारतीय समाज का रूप कैसा होगा? :
उत्तर:
यदि देश में लड़कियों की संख्या कम हो गई तो बहुत ही चिंताजनक स्थितियाँ बन जाएंगी। प्रत्येक पुरुष का विवाह नहीं हो सकेगा। इसलिए कुँवारे पुरुष गलत रास्तों की ओर चल पड़ेंगे। समाज में बलात्कार जैसी घटनाएँ बढ़ेगी। स्त्रियों का बाजारों में निकलना भी कठिन हो जाएगा। दूसरी ओर वेश्यावृत्ति बढ़ेगी। यह भी हो सकता है कि एक स्त्री का दो-तीन पुरुषों के साथ विवाह हो। इससे हमारी समाज-व्यवस्था में उथल-पुथल मच जाएगी।

Hope given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. Learn Insta try to provide online tutoring for you.

 

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 17

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 17 बच्चे काम पर जा रहे हैं.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है उसे लिखकर व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
कविता की पहली दो पंक्तियाँ पढने तथा विचार करने से हमारे मन-मस्तिष्क में आक्रोश, चिंता और सदयता का भाव उमड़ता है। कोहरे से ढंकी सरदी की सुबह में बच्चों का काम पर जाना मन में करुणा भाव पैदा करता है। जिस प्रतिकूल परिस्थिति में हम बिस्तर से भी नहीं निकलना चाहते हैं उन्हीं दशाओं में बच्चे काँपते-ठिठुरते काम पर जा रहे हैं। यह देखकर समाज की संवेदनहीनता एवं स्वार्थी प्रवृत्ति पर क्रोध आता है। ऐसे बच्चों का बचपन नष्ट होता देखकर चिंता होती है।

प्रश्न 2.
कवि का मानना है कि बच्चों के काम पर जाने की भयानक बात को विवरण की तरह न लिखकर सवाल के रूप में पूछा जाना चाहिए कि ‘काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे?’ कवि की दृष्टि में उसे प्रश्न के रूप में क्यों पूछा जाना चाहिए?
उत्तर:
बच्चों का काम पर जाना सामाजिक एवं आर्थिक विडंबना का जीता-जागता उदाहरण है। आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। इन बच्चों का अमानवीय दशाओं में मजदूरी करने को सामान्य बात मानकर जानकारी भर नहीं देना चाहिए। इसके प्रति गहरा * लगाव एवं चिंता दिखाई पड़नी चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है।

प्रश्न 3.
सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं? [Imp.]
उत्तर:
सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से वंचित होने का सबसे मुख्यकारण गरीबी है। इस कारण गरीब माता-पिता न चाहकर भी अपने बच्चों को काम पर भेजने के लिए विवश हो जाते हैं। गरीबी के कारण जब माता-पिता बच्चों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं करा पाते हैं तो उन्हें खिलौने कहाँ से देंगे। इस स्थिति के लिए समाज में व्याप्त स्वार्थी प्रवृत्ति और शोषण की व्यवस्था भी समान रूप से उत्तरदायी है।

प्रश्न 4.
दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा/रही है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता। इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
काम पर जाते बच्चों को देख हर कोई उदासीनता का भाव प्रकट नहीं कर रहा है। क्योंकि-

  1. लोग आत्मकेंद्रित हो गए हैं। वे सोचते है कि चलो मेरा बच्चा तो काम पर नहीं जा रहा है।
  2. लोग इसके प्रति जागरूकता नहीं दिखाते हैं। वे सोचते हैं कि यह सरकार के सोचने का कार्य है।
  3. समाज का एक बड़ा वर्ग इन बच्चों से काम कराकर मुनाफा कमाकर अपनी जेब भर रहा है, तो वह इस बारे में क्यों सोचे।

प्रश्न 5.
आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?
उत्तर:
मैंने अपने शहर में बच्चों को चाय की दुकान, ढाबे, किराने की दुकानों, मोमबत्ती, अगरबत्ती बनाने वाले स्थानों, सामानों की पैकिंग करने वाली जगहों, घरों में, प्राइवेट कार्यालयों आदि जगहों पर देखा है। ये बाल-मज़दूर सुबह से देर रात तक प्रायः बारहों महीनों में देखे जा सकते हैं।

प्रश्न 6.
बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है? [CBSE][Imp.]
उत्तर:
बच्चों का काम पर जाना हादसे के समान है। क्योंकि बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। जिस उम्र में बच्चों को पढ़ना-लिखना चाहिए तथा भविष्य का योग्य एवं सुशिक्षित नागरिक बनने की तैयारी करनी चाहिए, वे उस उम्र में बाल-मजदूरी करते हुए अपना भविष्य नष्ट कर रहे हैं। बच्चों का भविष्य नष्ट होना किसी हादसे से कम नहीं है।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 7.
काम पर जाते किसी बच्चे के स्थान पर अपने-आप को रखकर देखिए। आपको जो महसूस होता है उसे लिखिए।
उत्तर:
काम पर जाते हुए किसी बच्चे के स्थान पर स्वयं को रखकर देखने से महसूस होता है कि मुझे काम पर क्यों जाना पड़ रहा है। इस समय तो मित्रों के साथ खेलना-कूदना चाहिए था, रंग-बिरंगी पुस्तकें लेकर बाजार जाना चाहिए था और अपनी इच्छा से घूमना-फिरना था, वर बाल मजदूरी करने की विवशता के कारण बचपन छिना जा रहा है। उन बच्चों की किस्मत कितनी अच्छी है जिन्हें काम पर नहीं जाना पड़ता है।

प्रश्न 8.
आपके विचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए? उन्हें क्या करने के मौके मिलने चाहिए? [CBSE]
उत्तर:
मेरे विचार से बच्चों को काम पर नहीं भेजा जाना चाहिए क्योंकि छोटी उम्र में काम करने पर बच्चों का शारीरिक एवं बौधिक विकास बाधित होता है। वे जिंदगी भर के लिए मजदूर बनकर रह जाते हैं। बच्चों का बौधिक विकास हो इसके लिए उन्हें पढ़ने-लिखने के पर्याप्त अवसर तथा शारीरिक विकास हेतु खेलकूद के उचित अवसर मिलने चाहिए।

पाठेतर सक्रियता

• किसी कामकाजी बच्चे से संवाद कीजिए और पता लगाइए कि-
(क) वह अपने काम करने की बात को किस भाव से लेता/लेती है?
(ख) जब वह अपनी उम्र के बच्चों को खेलने/पढ़ने जाते देखता/देखती है तो कैसा महसूस करता/करती है?
उत्तर:
परीक्षोपयोगी नहीं।

• ‘वर्तमान युग में सभी बच्चों के लिए खेलकूद और शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हैं-इस विषय पर वाद-विवाद आयोजित कीजिए।
उत्तर:
पक्ष में विचार –
वर्तमान युग में सभी बच्चों के लिए खेलकूद और शिक्षा के समान अवसर हैं। यह बात बिलकुल ठीक है। सरकार ने अपने शिक्षण-संस्थानों में सब बच्चों को बिना किसी भेद-भाव के छूट दी है। गरीब से गरीब बच्चा भी पढ़ सकता है और खेल-कूद में भाग ले सकता है। आजकल कई राज्यों में तो प्राथमिक शिक्षा मुफ्त है। बड़ी कक्षाओं में भी फीस न के बराबर है। अत: हम कह सकते हैं कि सबके लिए खेलकूद और शिक्षा के समान अवसर हैं।

विपक्ष में विचार –
भारत में सभी बच्चों के लिए खेलकूद और शिक्षा के समान अवसर हैं, यह बात कहना झूठ ही नहीं, एक भद्दा मजाक है। यहाँ करोड़ों बच्चे भूखे रह जाते हैं। उन्हें पढ़ने और खेलने से पहले पेट भरने की चिंता खाने लगती है। उधर लाखों बच्चे बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं तथा हर खेल का आनंद लेते हैं। किसी गाँव के सरकारी स्कूल की तुलना किसी महानगर के बड़े स्कूल से करें तो पता चलेगा कि दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है।

• ‘बाल श्रम की रोकथाम’ पर नाटक तैयार कर उसकी प्रस्तुति कीजिए।
उत्तर:
छात्र प्रस्तुत करें।

• चंद्रकांत देवताले की कविता ‘थोड़े से बच्चे और बाकी बच्चे’ (लकड़बग्घा हँस रहा है) पढ़िए। उस कविता के भाव तथा प्रस्तुत कविता के भावों में क्या साम्य है?
उत्तर:
स्वयं करें।

Hope given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 17 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. Learn Insta try to provide online tutoring for you.

 

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 4

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 4 माटी वाली

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 4 माटी वाली.

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न अभ्यास

प्रश्न 1.
‘शहरवासी सिर्फ माटी वाली को नहीं, उसके कंटर को भी अच्छी तरह पहचानते हैं। आपकी समझ से वे कौन से कारण रहे होंगे जिनके रहते ‘माटी वाली’ को सब पहचानते थे?
उत्तर:
शहरवासी सिर्फ माटी वाली को नहीं उसके कंटर को भी अच्छी तरह पहचानते हैं। मेरी समझ में इसके निम्नलिखित कारण हैं-

  • माटी वाली नाटे कद की बुढ़िया थी जो कंटर में माटी लाया करती थी।
  • माटी वाली यह कार्य करने वाली अकेली महिला थी जो घर-घर लाल माटी दिया करती थी।
  • टिहरी शहर की रेतीली मिट्टी से लिपाई नहीं की जा सकती थी। इसलिए उसकी मिट्टी की ज़रूरत हर घर को थी।
  • वह टिहरी शहर में वर्षों से मिट्टी दे रही थी।
  • शहर में रहने वाले यहाँ तक किराएदार भी उसी से मिट्टी लेते थे।
  • उसका कंटर, जिसमें ढक्कन नहीं होता था, अपनी विशेष पहचान रखता था।

प्रश्न 2.
माटी वाली के पास अपने अच्छे या बुरे भाग्य के बारे में ज्यादा सोचने का समय क्यों नहीं था? [Imp.]
उत्तर:
माटी वाली समाज के अत्यंत गरीब मजदूर वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है। वह सुबह जल्दी उठकर माटाखान जाती तथा मिट्टी खोदकर कंटर में भरती और मिट्टी सहित कंटर सिर पर रख शहर में घर-घर घूमती थी। इसके बदले में लोग उसे एक-दो सूखी रोटियाँ कभी-कभी ताजा-बासी साग या चाय दे देते। उसे अपनी बीमार पति की चिंता भी रहती थी।
उसकी देखभाल भी वही करती थी। अपनी इसी दिनचर्या को अपनी नियति मानकर वह जिए जा रही थी। ऐसे में उसके पास अपने अच्छे या बुरे भाग्य के बारे में सोचने का ज्यादा समय न था।

प्रश्न 3.
“भूख मीठी कि भोजन मीठा’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
‘भूख मीठी कि भोजन मीठा’ अभिप्राय यह है कि भूख ने होन पर यदि स्वादिष्ट और उच्च कोटि का भोजन मिलता है। तो भी खाने का मन नहीं करता है। इसके विपरीत यदि भूख लगी हो तो रूखा-सूखा या बासी खाना जैसे भी खाने को मिल जाए तो भी रुचिकर लगता है। उसे खाकर पेट ही नहीं भरते वरन संतुष्टि की अनुभूति करते हैं। अतः भोजन मीठा नहीं होता है, भूख मीठी होती है।

प्रश्न 4.
पुरखों की गाढ़ी कमाई से हासिल की गई चीजों को हराम के भाव बेचने को मेरा दिल गवाही नहीं देता।’-मालकिन के इस कथन के आलोक में विरासत के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
हमारे घरों में पूर्वजों के अथक परिश्रम से बनाई हुई कुछ पुरानी वस्तुएँ होती हैं जो उनके न रहने पर भी पूर्वजों की याद दिलाती हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यही धरोहर विरासत के नाम से जानी जाती है।
हमें इनका महत्त्व इनका मूल्य देखकर नहीं समझना चाहिए। हमें यह अनुमान लगाना चाहिए कि अपनी आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी कमी करके बचाई गई राशि से उन्होंने यह सब बनाया होगा। इसके लिए उन्हें कितनी ही मेहनत करनी पड़ी होगी।
लोग धरोहर का मूल्य समझे बिना, उन्हें अनुपयोगी वस्तु समझकर औने-पौने दाम में बेच दिया करते हैं। वे आज के दौर की सौंदर्य वृदृधि वाली वस्तुएँ खरीद लेते हैं तथा अपने पूर्वजों की यादें नष्ट करते हैं। हमें अपने पूर्वजों की बनाई वस्तुओं को सहेजकर रखना चाहिए तथा उनकी रक्षा करनी चाहिए।

प्रश्न 5.
माटी वाली की रोटियों का इस तरह हिसाब लगाना उसकी किस मजबूरी को प्रकट करता है? [Imp.]
उत्तर:
माटी वाली जब किसी घर में चाय के समय पर माटी देने पहुँच गई तो घर की मालकिन ने उसे दो रोटियाँ दीं, जिनमें से माटी वाली ने एक खा लिया और दूसरा कपड़े में लपेट दिया। सामने वाले घर से कामिनी नामक लड़की के बुलाने पर जब वहाँ गई तो माटी लाने के लिए उसे दो रोटियाँ और मिल गईं जिन्हें उसने कपड़े में बाँध लिया। घर जाते हुए वह सोच रही थी कि ये रोटियाँ वह अपने बीमार अशक्त बुड्ढे के सामने परोस देगी। वह हद से हद एक या डेढ़ रोटियाँ ही खा सकेगा। बाकी डेढ़ रोटियों से वह अपना काम चला लेगी। उसके द्वारा रोटियों का ऐसा हिसाब लगाया जाना उसकी घोर गरीबी की ओर संकेत करता है कि वह किस तरह दूसरे घरों से मिली रोटियों पर गुजर करने को विवश है।

प्रश्न 6.
आज माटी वाली बुड़े को कोरी रोटियाँ नहीं देगी-इस कथन के आधार पर माटी वाली के हृदय के भावों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
माटी वाली को घर-घर माटी पहुँचाने से इतनी आय नहीं हो पाती थी कि वह कुछ साग या सब्जी खरीद सके। उसे घर की मालकिनों से जो एक-दो रोटियाँ मिल जाती थीं उन्हें ही बचाकर अपने बीमार पति (बूढ़े) के लिए ले जाती थी। वह इन रोटियों को साग या सब्ज़ी के बिना ही खा लिया करता था।
माटी वाली इस बात से दुखी है पर विवश है कि वह कुछ कर भी नहीं सकती है। उस दिन जब वह तीन रोटियाँ बचाकर ले जा रही थी तो सोच रही थी कि आज वह कुछ प्याज (एक-पाव) खरीद कर ले जाएगी और अपने बूढ़े को रोटियों के साथ प्याज कूटकर देगी। रोज सूखी रोटियाँ खाने वाला उसका बीमार पति आज तो प्याज के साथ रोटियाँ खा लेगा।

प्रश्न 7.
‘गरीब आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए।’ इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए। [Imp.]
उत्तर:
‘गरीब आदमी का शमशान नहीं उजड़ना चाहिए’–कथन का आशय यह है कि गरीब आदमी अपनी गरीबी के बोझ तले दबा होता है। ऐसे आदमी के पास न रहने का कोई ठिकाना होता है न जीविका का कोई साधन। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मरने के बाद शमशान घाट पर ही ठिकाना मिलता है जहाँ उसकी माटी जलाई या दफनाई जाती है। शमशान उजड़ने के बाद गरीब आदमी का अंतिम ठिकाना भी नष्ट हो जाएगा। अतः गरीब आदमी का शमशान हर हाल में बचा रहना चाहिए।

प्रश्न 8.
विस्थापन की समस्या पर एक अनुच्छेद लिखिए। [Imp.]
उत्तर:
आज व्यक्ति, समाज, देश सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर होकर विकास करना चाहते हैं। विकास के लिए देश में बिजली, पानी, सड़कें आदि की अच्छी व्यवस्था बहुत ही आवश्यक है।

जिन स्थानों पर बिजली, सड़क संबंधी परियोजनाएँ स्थापित की जाती हैं वहाँ के नागरिकों की जमीन को अधिग्रहीत कर लिया जाता है। इसके बदले उन्हें कहीं अन्यत्र स्थान दिया जाता है। विस्थापितों के लिए मात्र जगह दे देने से ही समस्या हल नहीं हो जाती है। लोगों को अपना बसा-बसाया घर छोड़ने के साथ व्यवसाय तथा खेती-बारी से भी दूर होना पड़ता है।

सरकारी आदेश की अवहेलना भी नहीं की जा सकती है। लोग अपने पुरखों की बनाई ज़मीन-जायदाद, घर आदि को छोड़ना नहीं चाहते हैं। उनके लिए ऐसा कर पाना बहुत ही कष्टकर होता है।

कुछ लोग इस दुख को नहीं सह पाते हैं और विक्षिप्त जैसे हो जाते हैं तो कुछ लोग मृत्यु को प्राप्त कर लेते हैं।
सबसे बुरी स्थिति उन लोगों की होती है जो किसी ज़मीन पर रहते तो हैं पर उनके पास जमीन का कोई प्रमाण पत्र नहीं होता है। इसके अभाव में वे नई जगह में अपना आवास नहीं बना सकते हैं तथा उनके पास जो था उससे भी हाथ धो बैठते हैं।

Hope given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 4 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. Learn Insta try to provide online tutoring for you.

 

Structure of Carbonyl Group

Find free online Chemistry Topics covering a broad range of concepts from research institutes around the world.

Structure of Carbonyl Group

The carbonyl carbon Structure of Carbonyl Group img 1 is sp2 hybridised and the carbon – oxygen bond is similar to carbon – carbon double bond in alkenes. The carbonyl carbon forms three σ bonds using their three sp2 hybridised orbital. One of the sigma bond is formed with oxygen and the other two with hydrogen and carbon (in aldehydes) or with two carbons (in ketones).

All the three ‘σ’ bonded atoms are lying on the same plane as shown in the fig (12.1). The fourth valence electron of carbon remains in its unhybridised ‘2p’ orbital which lies perpendicular to the plane and it overlaps with 2p orbital of oxygen to form a carbon – oxygen π bond. The oxygen atom has two nonbonding pairs of electrons, which occupy its remaining two p-orbitals.

Oxygen, the second most electro negative atom attracts the shaired pair of electron between the carbon and oxygen towards itself and hence the bond is polar. This polarisation contributes to the reactivity of aldehydes and ketones.

Structure of Carbonyl Group img 2

A carbonyl group is a chemically organic functional group composed of a carbon atom double-bonded to an oxygen atom → [C=O]. The simplest carbonyl groups are aldehydes and ketones usually attached to another carbon compound. These structures can be found in many aromatic compounds contributing to smell and taste.

Properties of Carbonyl Compounds:

  1. These are to be polar in nature. They exhibit both positive and negative charge in slight form.
  2. These compounds are reported to be insoluble in water but sometimes they dissolve other forms of polar molecules.
  3. These are known to be as chemically reactive compounds.

Carbonyl group, in organic chemistry, a divalent chemical unit consisting of a carbon (C) and an oxygen (O) atom connected by a double bond.

Formula of Carbonyl Group

Both organic families have the general formula CnH2nO. The carbonyl functional group (C = O) consists of a carbon atom double-bonded to an oxygen atom. The position of the C=O. functional group in the carbon chain marks the difference between aldehydes and ketones.

Examples:

Examples of inorganic carbonyl compounds are carbon dioxide and carbonyl sulphide. A special group of carbonyl compounds are 1, 3-dicarbonyl compounds that have acidic protons in the central methylene unit. Examples are Meldrum’s acid, diethyl malonate and acetylacetone.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 12

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 12 एक फूल की चाह

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 12 एक फूल की चाह.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) कविता की उन पंक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है-
(i) सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृदय काँप उठता था।
उत्तर:
मेरा हृदय काँप उठता था,
बाहर गई निहार उसे;

(ii) पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
उत्तर:
ऊँचे शैल-शिखर के ऊपर
मंदिर था विस्तीर्ण विशाल;
स्वर्ण-कलश सरसिज विहसित थे
पाकर समुदित रवि-कर-जाले।

(iii) पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मन:स्थिति।
उत्तर:
भूल गया उसका लेना झट,
परम लाभ-सा पाकर मैं।
सोच,-बेटी को माँ के ये
पुण्य-पुष्प हूँ जाकर मैं।

(iv) पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
उत्तर:
अंतिम बार गोद में बेटी,
तुझको ले न सका मैं हा!
एक फूल माँ का प्रसाद भी
तुझको दे न सका मैं हा!

(ख) बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
उत्तर:
बीमार बच्ची सुखिया ने अपने पिता के सामने यह इच्छा प्रकट की कि वह उसके लिए (सुखिया के लिए) मंदिर से देवी के प्रसाद का एक फूल ला दें।

(ग) सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?
उत्तर:
सुखिया के पिता पर निम्नलिखित आरोप लगाकर दंडित किया गया-

  • वह अछूत है। उसने मंदिर में जबरदस्ती प्रवेश करके मंदिर की पवित्रता और देवी की गरिमा नष्ट की है।

(घ) जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?
उत्तर:
जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने सुखिया को घर में नहीं पाया। उसकी मृत्यु जानकर वह श्मशान भागा हुआ गया जहाँ उसके निकट संबंधी सुखिया को जला चुके थे। चिता की आग बुझ चुकी थी। अब वहाँ राख की ढेरी मात्र थी। उसने अपनी फूल-सी बच्ची को राख की ढेरी के रूप में पाया।

(ङ) इस कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए। [CBSE]
उत्तर:
इस कविता का केंद्रीय भाव यह है कि छुआछूत मानवता पर कलंक है। किसी को जन्म के आधार पर अछूत मानना और उसे मंदिर में प्रवेश न करने देना अपराध है। सुखिया के पिता को तथाकथित भक्तों ने केवल इसलिए पीटा क्योंकि वह अछूत था। इस कारण उसे मंदिर में नहीं आने दिया गया। न्यायालय ने भी उस पर अन्याय किया। उसे सात दिनों की सज़ा केवल इसलिए सुनाई गई क्योंकि उसने मंदिर में घुसकर मंदिर की पवित्रता नष्ट की थी। कवि कहना चाहता है कि अछूतों पर किए जाने वाले ये अत्याचार घिनौने हैं। इन्हें रोका जाना चाहिए।

(च) इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकों/बिंबों को छाँटकर लिखिए-
उदाहरण : अंधकार की छाया
उत्तर:

  1. कितना बड़ा तिमिर आया!
  2. कब आई संध्या गहरी
  3. हाय वही चुपचाप पड़ी थी
  4. मंदिर था विस्तीर्ण विशाल
  5. हुई राख की थी ढेरी!

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए-
(क)अविश्रांत बरसा करके भी
 आँखें तनिक नहीं रीतीं
उत्तर:
आशय-सुखिया के पिता की आँखें निरंतर बहती रहीं। फिर भी उनमें से आँसू नहीं थमे। उसके हृदय की वेदना कम नहीं हुई।
अर्थ-सौंदर्य-इसमें सुखिया के पिता की असीम वेदना पूरे वेग से प्रकट हुई है। उसकी वेदना अनंत है। विशेषोक्ति अलंकार का कुशलतापूर्वक प्रयोग किया गया है। बहुत कुछ बरसने के बाद भी वे आँसुओं से भरी रहीं।

(ख) बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर
छाती धधक उठी मेरी
उत्तर:
आशय- सुखिया के पिता ने देखा कि सुखिया की चिता बुझ चुकी थी। उसकी फूल जैसी कोमल बच्ची अब इस दुनिया में नहीं थी। उसे अपनी बच्ची की जगह राख की ढेरी मिली। इससे उसके हृदय का दुख और भी बढ़ गया।

अर्थ सौंदर्य- सुखिया के पिता ने देखा कि उसके निकट संबंधियों ने जो चिता जलाई थी, वह बुझ चुकी है, परंतु इससे सुखिया के हृदय की चिता धधकने लगी। एक चिता का बुझना, दूसरी को धधकना हृदय के बढ़े दुख की अभिव्यक्ति कर रहा है।

(ग) हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर ।
उत्तर:
आशय-सुखिया के पिता ने अपनी बेटी को बीमारी की अवस्था में बिस्तर पर पड़े देखा। उसे याद आया कि सुखिया बहुत चंचल थी, शरारती थी। वह पल-भर के लिए भी टिककर नहीं बैठती थी। आज वही नटखट लड़की बीमारी की लाचारी के कारण बिस्तर पर ऐसे चुपचाप लेटी पड़ी थी मानो वह शांति की स्थिर मूर्ति हो।
अर्थ-सौंदर्य-इसमें बीमारी की मनोदशा में उत्पन्न होने वाली मौन उदासी का हृदयद्रावक चित्रण हुआ है।
‘अटल शांति-सी’ उपमा बहुत सुंदर बन पड़ी है। ‘हाय’ शब्द से हृदय की वेदना व्यक्त हो चली है।

(घ) पापी ने मंदिर में घुसकर ।
किया अनर्थ बड़ा भारी
उत्तर:
आशय- सुखिया का पिता अपनी बेटी की इच्छा पूरी करने के लिए मंदिर से देवी का प्रसाद लेने गया। उस अछूत के मंदिर में प्रवेश करने को मंदिर की पवित्रता भंग करने और देवी को अपमानित करने वाला माना गया। उसका मंदिर में प्रवेश करना भारी अनर्थ होने जैसा था।
अर्थ-सौंदर्य- एक अछूत द्वारा मंदिर में प्रवेश करना समाज के तथाकथित उच्च वर्ग को ऐसा लग रहा था, जैसे बड़ा भारी अनर्थ हो गया। अर्थात् अब देवी रुष्ट हो जाएगी और भारी तबाही मच जाएगी। इस भाव के लिए बड़ा भारी अनर्थ शब्द का प्रयोग हुआ है।

योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1.
‘एक फूल की चाह’ एक कथात्मक कविता है। इसकी कहानी को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर:
‘एक फूल की चाह’ का संक्षिप्त कहानी रूप सुखिया नाम की एक अछूत कन्या थी, जो सदैव हँसती-खेलती रहती थी। एक बार उस क्षेत्र में भयंकर महामारी फैली, जिसकी चपेट में सुखिया भी आ गई। उसे बुखार ने जकड़ लिया। धीरे-धीरे उसका चलना-फिरना, उठना-बैठना बंद हो गया। उसका शरीर कमज़ोर हो गया। यहाँ तक कि आवाज़ भी कमज़ोर पड़ने लगी। उसने अर्ध बेहोशी की हालत में अपने पिता से मंदिर से देवी के प्रसाद का एक फूल लाने के लिए कहा। उसके पिता ने उसकी इच्छा पूरी करने की कोशिश की और स्वच्छ कपड़े पहनकर मंदिर में चला गया। वहाँ पूजा के समय दीप-धूप चढ़ाकर प्रसाद के फूल लेकर आ रहा था कि मंदिर में कुछ सवर्ण भक्तों ने पहचान लिया और चिल्लाकर कहा कि यह अछुत मंदिर में कैसे आ गया।

उन्होंने उस अछूत पिता को मारा-पीटा और न्यायालय ले गए जहाँ उसे सात दिनों का कारावास मिला। कारावास का दंड भोगकर जब वह घर गया तो सुखिया उसे नहीं मिली। उसके मरने की बात जानकर वह भागा-भागा श्मशान गया जहाँ उसे अपनी बच्ची की जगह राख की ढेरी मिली। उसने अपना दुख प्रकट करते हुए कहा, “हाय ! मेरी फूल-सी बच्ची राख की ढेरी बन चुकी है। मैं माता के प्रसाद का एक फूल देकर उसकी अंतिम इच्छा भी न पूरी कर सका।”

प्रश्न 2.
‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।
उत्तर:
पुस्तकालय से पुस्तक निकलवाकर पढ़िए।

प्रश्न 3.
तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।
उत्तर:
समाज की तत्कालीन परिस्थितियों और वर्तमान परिस्थितियों पर छात्र स्वयं चर्चा करें।

Hope given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 12 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. Learn Insta try to provide online tutoring for you.