NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 5

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 5 हामिद खाँ

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 5 हामिद खाँ.

पाठ्य-पुस्तक के बोध-प्रश्न

प्रश्न 1.
लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
उत्तर:
लेखक मालाबार से तक्षशिला (पाकिस्तान) के पौराणिक खंडहर देखने गया था। वह तेज धूप में भूख-प्यास से परेशान होकर एक गाँव की ओर चला गया। वहाँ चपातियों की महक महसूस कर एक दुकान में खाना खाने के लिए गया, जहाँ उसका हामिद खाँ से परिचय हुआ।

प्रश्न 2.
“काश में आपकं मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता।’-हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर:
लेखक ने हामिद खाँ को हिंदू-मुसलमान संबंधों के बारे में बताया, उन्हें पहले तो विश्वास नहीं हुआ क्योंकि पाकिस्तान में मुसलमानों को अत्याचार करनेवालों की संतान समझा जाता था। लेखक ने हामिद खाँ को बताया कि भारत में हिंदू मुसलमान मिलकर रहते हैं। एक-दूसरे के त्योहारों में सम्मिलित होते हैं। हिंदू-मुसलमानों के बीच दंगे न के बराबर होते हैं। मुसलमानों की मसजिद हिंदुओं के निवास स्थान के पास होती है। हामिद खाँ विश्वास ही नहीं कर पाया कि वे हिंदू हैं और इतने गौरव से एक मुसलिम से बात कर रहें है। मुसलमानी होटल में भी भारत में खाना खाने में किसी हिंदू को कोई फर्क नहीं पड़ता। लेखक द्वारा हिंदू-मुसलमान की एकता भरी बातों पर हामिद खाँ पहले तो भरोसा नहीं कर पाया इसलिए वे उनके देश में आकर ये सब देखना चाहता था।

प्रश्न 3.
हामिद को लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
उत्तर:
हामिद को लेखक की निम्नलिखित बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था-

  • भारत में हिंदू-मुसलमान मिल-जुलकर रहते हैं।
  • हिंदू निस्संकोच मुसलमानों के होटलों में खाना खाने जाते हैं।
  • यहाँ सांप्रदायिक दंगे न के बराबर होते हैं।

प्रश्न 4.
हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इनकार क्यों किया?
उत्तर:
हामिद खाँ पाकिस्तान का रहनेवाला था। वह एक भला आदमी था। मानवीय भावनाओं का उसके जीवन में बहुत महत्त्व था। भूख के कारण होटल ढूंढते हुए लेखक तंग गलियों में स्थित हामिद खाँ के होटल पर पहुँच गए वहाँ उनकी मेहमाननवाजी अच्छा इंसान समझ कर की गई। खाने के बदले लेखक पैसे देना चाहते थे परंतु हामिद खाँ ने उन्हें लेने से इंकार कर दिया। एक रुपये के नोट को वापिस करते हुए हामिद खाँ ने कहा कि मैंने आपसे पैसे ले लिए, लेकिन मैं चाहता हूँ कि ये पैसे आपके पास रहें। आप जब भारत पहुँचे तो उनकी मेहमाननवाजी को याद रखें। लेखक की इंसानियत व उनकी मेल-मिलाप की बातों से हामिद खाँ प्रभावित हुआ था इसलिए उसने मेहमाननवाज़ी के पैसे लेने से इंकार कर दिया।

प्रश्न 5.
मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के परस्पर संबंधों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के संबंध सद्भावपूर्ण थे। वे एक-दूसरे को शक की दृष्टि से नहीं देखते थे। वे आपस में लड़ते-झगड़ते नहीं थे। हिंदू इलाकों में भी मस्जिदें थीं। यहाँ सांप्रदायिक दंगे बहुत ही कम होते थे।

प्रश्न 6.
तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
उत्तर:
तक्षशिला में धर्म के नाम पर धार्मिक झगड़े जन्म लेते रहते थे। इन झगड़ों की खबरें समाचार-पत्र में छपती रहती थीं। लेखक ने जब इस सांप्रदायिक झगड़े की खबर पढ़ी तो उसका सीधा ध्यान हामिद खाँ की ओर गया। उसने प्रार्थना की कि भगवान हामिद खाँ की दुकान को कोई नुकसान न पहुँचाए। हिंदू-मुसलिम भेद-भाव की आग उस तक न पहुँच पाए। इससे लेखक के स्वभाव की मानवीय भावना का परिचय मिलता है। उनकी दृष्टि में धर्म की प्रधानता नहीं थी। मानवीयता प्रमुख थी। हामिद खाँ उन्हें भला मानव लगा इसलिए उसके प्रति हमदर्दी व सहानुभूति की भावना उनके मन में थी।

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 13

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 13 गीत – अगीत

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 13 गीत – अगीत.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।
(ख) जब शुक गाता है, तो शुकी के हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है? [CBSE]
(ग) प्रेमी जब गीत गाता है, तो प्रेमी की क्या इच्छा होती है? [CBSE]
(घ) प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
(ङ) प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
(च) मनुष्य को प्रकृति किस रूप में आंदोलित करती है? अपने शब्दों में लिखिए।
(छ) सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए। [CBSE]
(ज) “गीत-अगीत’ के केंद्रीय भाव को लिखिए।
उत्तर:
(क) जब नदी किनारों से कुछ कहते हुए बह जाती है तो गुलाब सोचता है-‘यदि परमात्मा ने मुझे भी स्वर दिए होते तो मैं भी अपने पतझड़ के दिनों की वेदना को शब्दों में सुनाता। निम्नलिखित पंक्तियाँ देखिए-

गाकर गीत विरहं के तटिनी
वेगवती बहती जाती है,
दिल हलको कर लेने को
उपलों से कुछ कहती जाती है।
तट पर एक गुलाब सोचता,
“देते स्वर यदि मुझे विधाता,
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता।”

(ख) जब शुकः गाता है तो शुकी का हृदय प्रसन्नता से फूल जाता है। वह उसके प्रेम में मग्न हो जाती है।
(ग) जब प्रेमी प्रेम के गीत गाता है तो प्रेमी (प्रेमिका) की इच्छा होती है कि वह उस प्रेम गीत की पंक्ति में डूब जाए, उसमें लयलीन हो जाए। उसके शब्दों में –

‘हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की बिधना’ ।

(घ) सामने नदी बह रही है। वह मानो अपनी विरह वेदना को कलकल स्वर में गाती हुई चली जा रही है। वह किनारों को अपनी व्यथा सुनाती जा रही है। उसके किनारे के पास एक गुलाब का फूल अपनी डाल पर हिल रहा है। वह मानो सोच रहा है कि यदि परमात्मा ने उसे स्वर दिया होता तो वह भी अपने दुख को व्यक्त करता।
(ङ) प्रकृति का पशु-पक्षियों के साथ गहरा रिश्ता है। पशु-पक्षी प्रकृति की उमंग के साथ उमंगित होते हैं। कविता में कहा गया है

गाता शुक जब किरण वसंती,
छूती अंग पर्ण से छनकर।

जब सूर्य की वासंती किरणें शुक के अंगों को छूती हैं तो वह प्रसन्नता से गा उठता है।
(च) प्रकृति मनुष्य को भी आह्लादित करती है। साँझ के समय स्वाभाविक रूप से प्रेमी का मन आल्हा गाने के लिए ललचा उठता है। यह साँझ की ही मधुरिमा है जिसके कारण प्रेमी के हृदय में प्रेम उमड़ने लगता है।
(छ) गीत और अगीत में थोड़ा-सा अंतर होता है। मन के भावों को प्रकट करने से गीत बनता है और उन्हें मन-ही-मन ।
अनुभव करना ‘अगीत’ कहलाता है। यद्यपि ‘अगीत’ को प्रकट रूप से कोई अस्तित्व नहीं होता, किंतु वह होता अवश्य है।
जिस भावमय मनोदशा में गीत का जन्म होता है, उसे ‘अगीत’ कहा जाता है।
(ज) “गीत अगीत’ का मूल भाव यह है कि गीत के साथ-साथ गीत रचने की मनोदशा भी महत्त्वपूर्ण होती है। मन-ही-मन भावानुभूति को अनुभव करना भी कम सुंदर नहीं होता। उसे ‘अगीत’ कहा जा सकता है। माना कि गीत सुंदर होता है, परंतु गीत के भावों को मन में अनुभव करना भी सुंदर होता है।

प्रश्न 2.
संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए-
(क) अपने पतझर के सपनों का
                 मैं भी जग को गीत सुनाता
उत्तर:
प्रसंग- प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ स्पर्श भाग-1 में संकलित कविता ‘गीत-अगीत’ से ली गई हैं। इनके रचयिता रामधारी सिंह दिनकर जी हैं। कवि ने इन पंक्तियों में गुलाब के मन की व्यथा प्रस्तुत की है।

व्याख्या- नदी को किनारों से बातें करता देख किनारे खड़ा गुलाब सोचता है कि नदी को स्वर मिला है, वह किनारों से बातें कर रही है। इसी प्रकार यदि ईश्वर ने मुझे भी स्वर दिया होता तो मैं भी अपने पतझड़ के सपनों के गीत संसार को सुनाता।

(ख) गाता शुक जब किरण वसंती ।
                 छूती अंग पर्ण से छनकर
उत्तर:
प्रसंग- प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ स्पर्श भाग-1 में संकलित कविता ‘गीत-अगीत’ से ली गई हैं। इनके रचयिता रामधारी सिंह दिनकर जी हैं। कवि ने इन पंक्तियों में तोते की प्रसन्नता और गीत-गान का वर्णन किया है।

व्याख्या- पेड़ की सघन डाल पर बैठे तोते को जब सूर्य की वसंती किरणे स्पर्श करती हैं तो पेड़ की पत्तियों से छनकर आती किरणों के प्रभाव से वह पुलकित हो उठता है और गीत गाना शुरू कर देता है।

(ग) हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की।
                 बिधना यों मन में गुनती है।
उत्तर:
प्रसंग- प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ स्पर्श भाग-1 में संकलित कविता ‘गीत-अगीत’ से ली गई हैं। इनके रचयिता रामधारी सिंह दिनकर जी हैं। इन पंक्तियों में प्रेमी के गीतों को सुनकर भाव-विभोर हुई प्रेमिका के मनोभावों को वाणी दी गई है।

व्याख्या- कवि मानवीय प्रेम के बारे में बताता है कि प्रेमी के गीत का पहला स्वर उसकी राधा पर ऐसा प्रभाव डालता है। कि वह उसके करीब आकर गीत सुनकर भाव-विभोर हो जाती है और सोचती है कि हे ईश्वर! मैं उसके गीतों की कड़ी क्यों न हुई। यदि उसके गीतों की कड़ी होती तो उसका सामीप्य पा जाती।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित उदाहरण में ‘वाक्य-विचलन’ को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए-
उदाहरण : तट पर एक गुलाब सोचता
                एक गुलाब तट पर सोचता है।

  1. देते स्वर यदि मुझे विधाता ।
  2. बैठा शुक उस घनी डाल पर
  3. गूंज रहा शुक का स्वर वन में ।
  4. हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
  5. शुकी बैठ अंडे है सेती ।

उत्तर:

  1. यदि विधाता मुझे स्वर देते।
  2. शुक उस घनी डाल पर बैठा।
  3. शुक का स्वर वन में गूंज रहा।
  4. मैं गीत की कड़ी क्यों न हुई?
  5. शुकी बैठकर अंडे सेती है।

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 4

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 4 मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 4 मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय.

पाठ्य-पुस्तक के बोध-प्रश्न

प्रश्न 1.
लेखक का ऑपरेशन करने से सर्जन क्यों हिचक रहे थे?
उत्तर:
लेखक को तीन-तीन हार्ट अटैक आए थे। कुछ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। डॉ. बोर्जेस द्वारा दिए गए 900 वोल्ट्स के शॉक्स के कारण उसका हृदय 60% तक जल गया था। 40% बचे हृदय का आपरेशन करने के बाद यदि रिवाइव नहीं हुआ तो ……………। इसलिए सर्जन आपरेशन से हिचक रहे थे।

प्रश्न 2.
‘किताबों वाले कमरे में रहने के पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?
उत्तर:
‘किताबों वाले कमरे में रहने के पीछे लेखक के मन में पुस्तकों का वह संकलन था जो उसके बचपन से लेकर आज तक संकलित था। जब उन्हें अस्पताल से घर लाया गया तो उन्होंने ज़िद की थी कि वे अपने आपको उनके साथ जुड़ा हुआ अनुभव कर सकें। उनके प्राण इन हज़ारों किताबों में बसे हुए थे। जो पिछले चालीस-पचास बरस में धीरे-धीरे जमा होती गई थीं।

प्रश्न 3.
लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?
उत्तर:
लेखक के घर में नियमित रूप से आर्य मित्र ‘साप्ताहिक’, ‘वेदोदम’, ‘सरस्वती’ ‘गृहिणी’ तथा दो बाल पत्रिकाएँ खास उसके लिए-‘बालसखा’ और ‘चमचम’ आती थीं।

प्रश्न 4.
लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?
उत्तर:
लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक बचपन से था। उसके घर में कई पुस्तकें थीं। वह घर में सत्यार्थ-प्रकाश
और दयानंद सरस्वती की जीवनी बड़ी रुचि से पढ़ता था। उनकी रोमांचक घटनाएँ उसे बड़ा प्रभावित करती थीं। वह बाल-सखा और चमचम की कथाएँ पढ़ता था। उसी से उसे किताबें पढ़ने का शौक लगा। पाँचवीं कक्षा में प्रथम आने पर अंग्रेज़ी की दो किताबें इनाम में मिली थीं। इन दो किताबों ने उसके लिए नई दुनिया का द्वार खोल दिया था। पिता जी की प्रेरणा से उसने किताबों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। इससे उसके निजी पुस्तकालय की शुरुआत हो गई।

प्रश्न 5.
माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर क्यों चिंतित रहती थी? [CBSE 2012]
उत्तर:
लेखक पाठ्यक्रम की पुस्तकों से अधिक ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पढ़ता था। इससे ऊबने पर वह बार-बार ‘बालसखा’ और ‘चमचम’ पढ़ता था। ऐसे में माँ को लगा कि यह लड़का पास कैसे होगा। ऐसे में वह लेखक की स्कूली पढ़ाई के बारे में चिंतित रहती थी।

प्रश्न 6.
स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेजी की दोनों पुस्तकों ने किस प्रकार लेखक के लिए नई दुनिया के द्वार खोल दिए?
उत्तर:
स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेज़ी की दोनों पुस्तकों ने लेखक के लिए नई दुनिया के द्वार खोल दिए। एक पुस्तक में पक्षियों के बारे में काफी जानकारी थी। विभिन्न पक्षियों की जातियों, उनकी बोलियों, उनकी आदतों की जानकारी उसमें दी गई थी। दूसरी किताब थी ‘टुस्टी द रग’ जिसमें पानी के जहाजों की कथाएँ थीं। जहाज कितने प्रकार के होते हैं कौन-कौन सा माल लादकर लाते हैं, कहाँ से लाते हैं, कहाँ जाते हैं आदि की जानकारी से भरी पड़ी थी। इन दो किताबों से लेखक पक्षियों से भरे आकाश और रहस्यों से भरे समुद्र के बारे में जानकारी प्राप्त किया।

पिता ने अलमारी के एक खाने से अपनी चीजें हटाकर जगह बनाई और मेरी दोनों किताबें उस खाने में रखकर लेखक से कहा-“आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी अपनी लाइब्रेरी है।” इस प्रकार लेखक का नया मार्ग प्रशस्त हो गया।

प्रश्न 7.
‘आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों को यह तुम्हारी अपनी लाइब्रेरी है-पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?
उत्तर:
“आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी अपनी लाइब्रेरी है।” पिता के इस कथन से लेखक में पुस्तकों का संकलन एवं सहेजकर रखने के प्रति रुचि पैदा कर दी। फिर तो बीतते समय के साथ-साथ किताबें पढ़ने के अलावा किताबें इकट्ठी करने की सनक पैदा हुई, जिससे उसका अपना निजी पुस्तकालय बन सका।

प्रश्न 8.
लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
अथवा
भारती जी ने देवदास कैसे और किन हालातों में खरीदा? [CBSE 2012]
उत्तर:
लेखक के पिता के देहावसान के बाद तो आर्थिक संकट इतना बढ़ गया कि फीस जुटाना तक मुश्किल था। अपने शौक की किताबें खरीदना तो संभव ही नहीं था। एक ट्रस्ट से असहाय छात्रों को पाठ्यपुस्तकें खरीदने के लिए कुछ रुपये सत्र के आरंभ में मिलते थे। उनसे लेखक प्रमुख पाठ्यपुस्तकें सेकेंड-हैंड’ खरीदता था। बाकी अपने सहपाठियों से लेकर पढ़ता और नोट्स बना लेता।

एक बार जाने कैसे पाठ्यपुस्तकें खरीदकर भी दो रुपये बच गए थे। उसने देवदास फ़िल्म देखने का निर्णय किया। तभी पुस्तक की दुकान पर शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की पुस्तक ‘देवदास’ को देखा। उसने वह पुस्तक खरीद ली और बाकी के बचे पैसे खर्च करने की बजाए माँ को लौटा दिए। इस प्रकार लेखक ने अपनी पहली पुस्तक खरीदी।

प्रश्न 9.
‘इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ’-का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आशय-लेखक के पास अपने पुस्तकालय में चेखव, मोपाँसा, टालस्टाय जैसे विदेशी लेखकों के साथ कबीर, सूर, तुलसी, रहीम जैसे महापुरुषों की रचनाएँ थीं। लेखक को लगता था कि इन कृतियों के रूप में उसे ये महापुरुष उसके आसपास ही खड़े हैं। इनके बीच वह स्वयं को अकेला नहीं महसूस करता था।

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 12

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 12 कैदी और कोकिला

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 12 कैदी और कोकिला.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी? [CBSE]
उत्तर:
कोयल की कूक सुनकर कवि के मन में तरह-तरह की शंकाएँ उठती हैं। इनका समाधान करने के लिए वह तरह-तरह के
प्रश्न कोयल से पूछकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है; जैसे-

  • कोयल! तुम जेल में बंद हम कैदियों के लिए क्या संदेशा लाई हो?
  • कोयल, तुमने किस दावानल की ज्वालाएँ देख ली हैं?
  • कोयल, क्या तुम स्वतंत्रता के क्रांतिकारियों के हाथों में हथकड़ियाँ नहीं देख सकती हो?
  • कोयल क्या तुम्हारे मृदुल वैभव का खजाना लूट लिया गया है?

प्रश्न 2.
कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई? [CBSE]
उत्तर:
कवि ने कोयल के बोलने की निम्नलिखित संभावनाएँ बताई हैं;
जैसे-

  1. वह पागल हो गई है।
  2. उसने दावानल की लपटें देख ली हैं।
  3. वह स्वतंत्रता के लिए कैदियों को संदेश देना चाहती है।
  4. क्रांतिकारियों के मन में देश-प्रेम की भावना और भी प्रगाढ़ करने का संदेश देने आई है।

प्रश्न 3.
किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों? [CBSE]
उत्तर:
पराधीन भारत में अंग्रेजों के शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है। इसका कारण यह है कि अंग्रेज़ आजादी के लिए आवाज उठाने वाले को नहीं वरन् निर्दोष भारतीयों को तरह-तरह से सताते थे, उन पर अत्याचार करते थे। इससे देश में निराशा का वातावरण बन गया था और देशवासियों का भविष्य अंधकारपूर्ण हो गया था।

प्रश्न 4.
कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए। [Imp.]
उत्तर:
पराधीन भारत की जेलों में कैदियों को निम्नलिखित यातनाएँ दी जाती थीं-

  1. कैदियों को बेड़ियों तथा हथकड़ियों में बाँधकर छोटी-छोटी कोठरियों में चोरों, लुटेरों और डाकुओं के साथ रखा जाता था।
  2. कैदियों से पशुओं के समान काम लिया जाता था।
  3. उन्हें भीषण यंत्रणा दी जाती थी। वे न मर सकते थे न चैन से जी सकते थे।
  4. उन्हें खाने को बहुत कम दिया जाता था तथा बात-बात में गालियाँ दी जाती थीं।

प्रश्न 5.
भाव स्पष्ट कीजिए-
(क) मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो! [CBSE]
(ख) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।

उत्तर:
(क) भाव-कोयल का स्वर अत्यंत मधुर एवं कर्णप्रिय होता है। कोयल अपने इस मृदुल वैभव रूपी स्वर की रखवाली करती-फिरती है। जेल के पास उसकी कैंक सुनकर कवि सोचता है कि शायद कोयल का वैभव लुट गया है।

(ख) पराधीन भारत की जेलों स्वाधीनता की माँग करने वाले कैदियों से अत्यंत क्रूरता से काम करवाया जाता था। इन कैदियों का मनोबल तोड़ने के लिए तरह-तरह की यातनाएँ दी जाती थीं। कवि अपने पेट पर जूआ रखकर मोट खींचने का कठोर काम करता है। इस तरह वह अंग्रेजों की अकड़ ढीली करता है।

प्रश्न 6.
अर्द्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?
अथवा
बंदी कवि को ‘कोकिल’ की बोली आधी रात में चीख जैसी क्यों प्रतीत होती है? [CBSE]
उत्तर:
अर्धरात्रि में कोयल की चीख सुनकर कवि को निम्नलिखित अंदेशा होता है-

  1. कोयल बावली हो गई होगी।
  2. स्वाधीनता संग्राम के कैदियों को देखकर कोयल द्रवित हो उठी होगी।
  3. उसने देश में अंग्रेज़ों के प्रति फैली क्रांति की ज्वाला देख ली होगी।
  4. वह जेल में बंद स्वाधीनता सेनानियों के लिए विशेष संदेश लेकर आई होगी।

प्रश्न 7.
कवि को कोयल से ईष्र्या क्यों हो रही है? [Imp.] [CBSE]
उत्तर:
कवि को कोयल से इसलिए ईष्र्या है क्योंकि कोयल आजाद रहकर आसमान में उड़ती है तथा पेड़ों की हरी-भरी डालियों पर गाती फिरती है। इसके विपरीत कवि ऊँची-ऊँची काली-दीवारों वाली जेल में बंद है। उसकी दुनिया दस फुट की कोठरी में सिमटकर रह गई है। यहाँ उसका रोना भी गुनाह माना जाता है। उसे तड़प-तड़पकर दिन बिताना पड़ रहा है।

प्रश्न 8.
कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?
उत्तर:
कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की अनेक मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं; जैसे-

  1. कोयल बाग-बगीचों में आम के पेड़ पर अपना मधुर गीत सुनाया करती थी।
  2. वह प्रातः, दोपहर अथवा दिन ढले गीत सुनाया करती थी। कवि जब अर्धरात्रि को यही गीत सुनता है तो उसे यह गीत वेदनापूर्ण हूक-सी लगती है। यूँ असमय कोयल का गीत गाना उसे विचित्र-सा लग रहा है। इस तरह कोयल उन मधुर स्मृतियों को नष्ट करने पर तुली है।

प्रश्न 9.
हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है? [Imp.]
उत्तर:
हथकड़ियों को गहना इसलिए कहा गया है क्योंकि कवि और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के हाथों में जो हथकड़ियाँ डाली गई हैं वे किसी चोरी-हत्या आदि के अपराध के लिए नहीं डाली गई हैं। उसे ये हथकड़ियाँ मातृभूमि की आजादी के लिए प्रयास करने के कारण मिली हैं। ऐसे नेक उद्देश्य के लिए ये हथकड़ियाँ किसी गहने से कम नहीं है।

प्रश्न 10.
‘काली तू ऐ आली!’-इन पंक्तियों में ‘काली’ शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।
उत्तर:
‘काली’ शब्द की बार-बार आवृत्ति के माध्यम से-

  1. अंग्रेज सरकार के कुशासन की भयावहता का साकार चित्रण है।
  2. इससे अंग्रेज़ सरकार के कुकृत्यों की कालिमा चारों ओर फैले होने को साक्षात् आभास होता है।
  3. इससे समाज में व्याप्त निराशापूर्ण वातावरण का चित्र उपस्थित हो रहा है।

प्रश्न 11.
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए
(क) किस दावानल की ज्वालाएँ हैं दीखीं?
(ख) तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह! देख विषमता तेरी-मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी।

उत्तर:
काव्य सौंदर्य
भाव-सौंदर्य- अंग्रेज़ों के अत्याचार और शोषण के प्रति भारतीयों के मन में विद्रोह की ज्वाला धधक उठी है। कोयल ने भारतीय जनमानस में उठने वाली दावानल को देख लिया है।
शिल्प सौंदर्य-

  • दावानल की ज्वालाएँ में रूपक अलंकार है।
  • प्रश्न शैली का प्रयोग है।
  • भाषा साहित्यिक खड़ी बोली है। जिसमें तत्सम शब्दों की बहुलता है।
  • मानवीकरण अलंकार है।

(ख) भाव-सौंदर्य-काव्यांश में कोयल के स्वतंत्र जीवन और कैदी कवि के यातनापूर्ण जीवन का चित्रण है। कोयल
भारतीयों को अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट अपनी आज़ादी पाने के लिए युद्ध करने हेतु प्रेरित कर रही है।
शिल्प-सौंदर्य-

  • तेरी-मेरी, वाह-गुनाह में स्वर मैत्री अलंकार है।
  • भाषा तत्सम शब्दावलीयुक्त साहित्यिक खड़ी बोली है।
  • ‘गुनाह’ उर्दू शब्द का सुंदर प्रयोग है।
  • रचना छंदबद्ध है।
  • मानवीकरण अलंकार है।

प्रश्न 12.
कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?
उत्तर:
कवि ने कोयल की ही बात कही, जबकि वह अन्य पक्षियों का चहकना सुनता रहा होगा। इसका कारण यह है कि कोयल की कूक किसी ऋतु विशेष में ही अधिक सुनाई देती है जबकि अन्य पक्षी साल भर चहकते रहते हैं। कोयल आधी रात में बोलकर कुछ विशेष संदेश देने का आभास कराती है। ब्रिटिश काल में क्रांतिकारी भी छिप-छिपकर एक-दूसरे को गुप्त संदेश दुद्वारा अपनी योजनाएँ बनाया करते थे। कवि को कोयल और क्रांतिकारियों की कार्यप्रणाली में समानता दिखाई दी।

प्रश्न 13.
आपके विचार से स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा?
उत्तर:
अंग्रेजों ने भारतवासियों को गुलाम बना रखा था। वे चाहते थे कि भारत पर उनका शासन चलता रहे। अपने शासन को बनाए रखने के लिए वे हर तरह के नैतिक-अनैतिक हथकंडे अपनाते थे। स्वतंत्रता की माँग करना उनकी दृष्टि में सबसे बड़ा अपराध था। वे इसे राजद्रोह मानते थे। इस कारण वे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अपराधियों के समान व्यवहार करते थे।

पाठेतर सक्रियता

• पराधीन भारत की कौन-कौन सी जेलें मशहूर थीं, उनमें स्वतंत्रता सेनानियों को किस-किस तरह की यातनाएँ दी जाती थीं? इस बारे में जानकारी प्राप्त कर जेलों की सूची एवं स्वतंत्रता सेनानियों के नामों को राष्ट्रीय पर्व पर भित्ति पत्रिका के रूप में प्रदर्शित करें।
उत्तर:
परीक्षोपयोगी नहीं।

• स्वतंत्र भारत की जेलों में अपराधियों को सुधारकर हृदय परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। पता लगाइए कि इस दिशा में कौन-कौन से कार्यक्रम चल रहे हैं?
उत्तर:
परीक्षोपयोगी नहीं।

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 8

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 8 एक कुत्ता और एक मैना

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 8 एक कुत्ता और एक मैना.

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
गुरुदेव ने शांतिनिकेतन को छोड़ कहीं और रहने का मन क्यों बनाया? [CBSE]
उत्तर:
गुरुदेव ने शांतिनिकेतन छोड़कर अन्यत्र रहने का मन इसलिए बनाया क्योंकि-

  • गुरुदेव का स्वास्थ्य अच्छा नहीं था।
  • वे आराम करना चाहते थे।
  • वे ऐसी जगह रहना चाहते थे जहाँ आने-जाने वाले उनसे मिलने-जुलने वाले कम लोग आ सकें।
  • वे शांत वातावरण में रहना चाहते थे।

प्रश्न 2.
मूक प्राणी मनुष्य से कम संवेदनशील नहीं होते। पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [Imp.]
उत्तर:
मूक प्राणी भी कम संवेदनशील नहीं होते हैं। यह एक कुत्ता और एक मैना’ पाठ से कुत्ते की स्वामिभक्ति एवं व्यवहार से प्रकट होता है

  1. गुरुदेव जब श्री निकेतन के तितल्ले भवन में आकर रहने लगते हैं तो उनका कुत्ता उनको खोजते-खोजते वहाँ आ जाता है। वह गुरुदेव का स्पर्श पाकर आनंद अनुभव करता है।
  2. गुरुदेव की मृत्यु के उपरांत कुत्ता अस्थिकलश के पास कुछ देर तक उदास बैठा रहता है। वह भी अन्य लोगों की तरह ही शोक प्रकट करता है।
  3. लँगड़ी फुदकती मैना की चाल में लेखक को एक प्रकार की करुणा दिख रही थी।

प्रश्न 3.
गुरुदेव द्वारा मैना को लक्ष्य करके लिखी कविता के मर्म को लेखक कब समझ पाया? [Imp.]
उत्तर:
गुरुदेव द्वारा लिखी गई कविता के मर्म को लेखक तब समझ पाया जब गुरुदेव ने लेखक को पहली बार मैना दिखाते हुए कहा, “देखते हो, यह यूथभ्रष्ट है। रोज़ फुदकती है यहीं आकर। मुझे इसकी चाल में एक करुणभाव दिखाई देता है।” इससे पहले लेखक यही समझता था कि मैना करुणभाव दिखाने वाली पक्षी है ही नहीं। वह तो दूसरों पर अनुकंपा ही दिखाया करती है।

प्रश्न 4.
प्रस्तुत पाठ एक निबंध है। निबंध गद्य-साहित्य की उत्कृष्ट विधा है, जिसमें लेखक अपने भावों और विचारों को कलात्मक और लालित्यपूर्ण शैली में अभिव्यक्त करता है। इस निबंध में उपर्युक्त विशेषताएँ कहाँ झलकती हैं? किन्हीं चार का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
लेखक ने अपने भावों और विचारों को कलात्मक एवं लालित्यपूर्ण शैली में अभिव्यक्त किया है। इस विशेषता को निम्नलिखित स्थानों पर देखा जा सकता है

  1. आश्रम के अधिकांश लोग बाहर चले गए, एक दिन हमने सपरिवार उनके ‘दर्शन’ की ठानी।
  2. यहाँ दुख के साथ कह देना चाहता हूँ कि दर्शनार्थियों में कितने ही इतने प्रगल्भ थे कि समय-असमय, स्थान-अस्थान, अवस्था-अनवस्था की एकदम परवा नहीं करते और रोकते रहने पर भी आ ही जाते थे। ऐसे दर्शनार्थियों से गुरुदेव भीत-भीत रहते थे। अस्तु, मैं मय बाल-बच्चों के एक दिन श्री निकेतन जा पहुँचा।
  3. उस समय लँगड़ी मैना फुदक रही थी। गुरुदेव ने कहा, “देखते हो, यह यूथभ्रष्ट है। रोज फुदकती है, ठीक यही आकर मुझे इसकी चाल में एक करुण भाव दिखाई देता है।”
  4. पक्षियों की भाषा तो मैं नहीं जानता, पर मेरा निश्चित विश्वास है कि उनमें कुछ इस तरह की बातें हो जाया करती हैंपत्नी-ये लोग यहाँ कैसे आ गए जी? पति-ऊँह बेचारे आ गए हैं, तो रहे जाने दो। क्या कर लेंगे!
    पत्नी-लेकिन फिर भी इनको इतना तो ख्याल होना चाहिए कि यह हमारा प्राइवेट घर है।
    पति-आदमी जो हैं, इतनी अक्ल कहाँ।

प्रश्न 5.
आशय स्पष्ट कीजिए| इस प्रकार कवि की मर्मभेदी दृष्टि ने इस भाषाहीन प्राणी की करुण दृष्टि के भीतर उस विशाल मानव-सत्य को देखा है, जो मनुष्य, मनुष्य के अंदर भी नहीं देख पाता। [Imp.]
उत्तर:
गुरुदेव ने जब कुत्ते की पीठ पर हाथ फेरा तो उसका रोम-रोम आनंद से पुलकित हो उठा और वह सुख एवं परितृप्ति का अनुभव करने लगा। कुत्ते के इस परितृप्ति को सामान्य व्यक्ति अनुभव नहीं कर सकता है। यहाँ तक एक मनुष्य दूसरे मनुष्य के विषय में नहीं जान पाता है, पर कवि अपनी आँखों से कुत्ते की परितृप्ति और मैना की करुण भावना को पहचान लेता है।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 6.
पशु-पक्षियों से प्रेम इस पाठ की मूल संवेदना है। अपने अनुभव के आधार पर ऐसे किसी प्रसंग से जुड़ी रोचक घटना को कलात्मक शैली में लिखिए।
उत्तर:
मेरे गाँव में एक किसान ने गाय पाल रखी थी। वह जी-जान से गाय की सेवा करता था। वह खाने के बाद शाम को उसे रोज एक रोटी खिलाता था। गाय भी उसका हाथ चाटकर अपना प्रेम प्रकट करती थी। सर्दियों के दिन थे। किसान की तबीयत खराब हो गई। शाम को वह बिस्तर से न उठ सका।
नित्य की भाँति उसका बेटा रोटी लेकर गाय को खिलाने आया, पर गाय ने रोटी न खाई। किसान को न देखकर गाय दुखी थी। उसने चारा न खाया न रोटी। चौथे दिन जब किसान कुछ ठीक हुआ और उठकर गाय के पास आया तो गाय बड़ी देर तक उसे देखती रही। उसकी आँखों में आँसू थे।
शाम को उसने किसान के हाथ से रोटी खाई। धीरे-धीरे गाय ने खाना-पीना शुरू कर दिया। लोगों ने यह देख कहना शुरू कर दिया कि जरूर इन दोनों का पूर्वजन्म में रिश्ता रहा होगा।

प्रश्न 7.

  • गुरुदेव जरा मुसकरा दिए।
  • मैं जब यह कविता पढ़ता हूँ।

ऊपर दिए गए वाक्यों में एक वाक्य में अकर्मक क्रिया है और दूसरे में सकर्मक। इस पाठ को ध्यान से पढ़कर सकर्मक और अकर्मक क्रिया वाले चार-चार वाक्य छाँटिए।
उत्तर:
सकर्मक क्रिया वाले वाक्य-

  • हम लोग उस कुत्ते के आनंद को देखने लगे।
  • उसे किसी ने राह नहीं दिखाई थी।
  • उन्होंने ‘आरोग्य’ में इस भाव की एक कविता लिखी थी।
  • कुछ और पहले की एक घटना याद आ रही है।

अकर्मक क्रिया वाले वाक्य-

  • हम लोगों को देखकर मुसकराए।
  • उसी समय उनकी कुत्ता धीरे-धीरे ऊपर आया।
  • वह कुत्ता आश्रम के द्वार तक आया।
  • आचार्य क्षितिमोहन सबके आगे थे।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्यों में कर्म के आधार पर क्रिया-भेद बताइए

  1. मीना कहानी सुनाती है।
  2. अभिनव सो रहा है।
  3. गाय घास खाती है।
  4. मोहन ने भाई को गेंद दी।
  5. लड़कियाँ रोने लगीं।

उत्तर:

  1. सकर्मक
  2. अकर्मक
  3. संकर्मक
  4. द्विकर्मक
  5. अकर्मक

प्रश्न 9.
नीचे पाठ में से शब्द-युग्मों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। जैसे समय-असमय, अवस्था-अनवस्था इन शब्दों में ‘अ’ उपसर्ग लगाकर नया शब्द बनाया गया है। पाठ में से कुछ शब्द चुनिए और उनमें ‘अ’ एवं ‘अन्’ उपसर्ग लगाकर नए शब्द बनाइए।
उत्तर:

  • निर्णय              –    अनिर्णय
  • दर्शनीय           –    अदर्शनीय अचल
  • कारण             –    अकारण
  • भद्र                 –    अभद्र
  • कही                –    अनकही
  • हिंदी                 –   अहिंदी
  • प्रगल्भ               –  अप्रगल्भ
  • प्रचलित             –  अप्रचलित
  • भीत                  –  अभीत
  • पुस्तकीय           –  अपुस्तकीय
  • कुशल               –  अकुशल
  • संग                   –  असंग
  • स्वीकार             –  अस्वीकार
  • स्वीकृति            –   अस्वीकृति
  • चैतन्य               –   अचैतन्य मानव
  • अमानव मूल्य    –   अमूल्य
  • सहज               –   असहज
  • करुण              –   अकरुण
  • परिचय             –   अपरिचय
  • प्रत्यक्ष              –   अप्रत्यक्ष
  • शांत                –   अशांत
  • गंभीर              –   अगंभीर
  • बाध्य               –   अबाध्य
  • उद्देश्य             –   अनुद्देश्य
  • उपस्थित         –   अनुपस्थित
  • भाव               –   अभाव
  • नियमित         –   अनियमित
  • उपयोग          –   अनुपयोग
  • निश्चित           –   अनिश्चित
  • विश्वास           –   अविश्वास
  • आहत            –   अनाहत

पाठेतर सक्रियता

• पशु-पक्षियों पर लिखी कविताओं का संग्रह करें और उनके चित्रों के साथ उन्हें प्रदर्शित करें।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

• हजारीप्रसाद द्विवेदी के कुछ अन्य मर्मस्पर्शी निबंध जैसे-‘अशोक के फूल’ और ‘नाखून क्यों बढ़ते हैं। पढ़िए।
उत्तर:
छात्र पढ़ें।

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